प्यास लगने की समस्या कारण, लक्षण, और उपचार

प्यास लगने की समस्या कारण, लक्षण, और उपचार

कई बार दवाओं का अधिक सेवन भी प्यास को बढ़ाता है। कुछ दवाओं के सेवन से मुंह ज्यादा सूखता है। कुछ लोगों को सर्दी हो या गर्मी बहुत जल्दी-जल्दी और अधिक प्यास लगती है। पर्याप्त पानी पीने के बावजूद जल्दी-जल्दी प्यास लगने के कई कारण हो सकते हैं। आमतौर पर प्यास तभी लगती है, जब शरीर में पानी का स्तर नीचे चला जाता है मगर कई अन्य कारणों से भी जल्दी-जल्दी प्यास लग सकती है।

प्यास लगने की समस्या कारण।  

कुछ लोग खाने में तेज नमक खाना पसंद करते हैं। कई बार ऐसे लोग ऊपर से भी नमक डाल लेते हैं। नमक प्यास को बढ़ाता है। इसकी वजह ये है कि नमक कोशिकाओं से पानी को बाहर निकालता है। ऐसे में अगर आप ज्यादा नमक खाते हैं, तो आपकी कोशिकाएं मस्तिष्क को जल्दी-जल्दी प्यास लगने का संकेत भेजने लगती हैं। डायबिटीज के शुरुआती लक्षणों में ज्यादा प्यास लगना भी शामिल है। सुबह दौड़ने से भी प्यास अधिक लगती है। दौड़ने के कारण शरीर को ज्यादा पानी की जरूरत होती है।जिन लोगों के मुंह में सलाइवा कम मात्रा में बनता है, उन्हें बार बार प्यास लगती है । मुंह सूखने की समस्या को ”जेरोस्टोमिया” कहते हैं। ये एक तरह की स्वास्थ्य समस्या है, जिसमें स्लैवरी ग्लैंड्स पर्याप्त लार नहीं बना पाती हैं, जिससे हर समय प्यास का एहसास होता है। पानी पीने के बाद भी मुंह हर समय सूखा रहता है, लो ब्लड प्रेशर की समस्या है में भी आपको बार बार प्यास लग सकती है.अगर कोई आदमी एनीमिया का पेशेंट है, तो उसके बॉडी में खून की कमी हो जाती है । खून में रेड सेल्स की कमी होने के कारण उस आदमी को बार-बार प्यास लगती है । लो ब्लड प्रेशर की समस्या है में भी आपको बार बार प्यास लग सकती है ।
लक्षण :- निर्जलीकरण (डिहाइड्रेशन ) के मुख्य लक्षणों में से एक कुछ ही दिनों में (कुछ मामलों में कुछ घंटों में) वजन का तेजी से कम होना है।10 प्रतिशत से अधिक वजन तेजी से कम होना गंभीर लक्षण माना जाता है। इन लक्षणों को वास्तविक बीमारी से अलग करके देखना काफी मुश्किल काम है। इसके अलावा भी कुछ लक्षण हैं, जो डिहाइड्रेशन की ओर इशारा करते हैं। प्यास का लगना आपका मुंह सूखना व चिपचिपा महसूस होना , त्वचा लगातार सूखी रह रही हो, शरीर में पानी की कमी , पेशाब का बिल्कुल न आना या   कम आना और गाढ़े पीले रंग का होना, मांसपेशियों का दर्द , आंखों में रूखापन, खून में पानी की कमी होने पर ऑक्सीजन ठीक से शरीर के अंगों तक नहीं पहुंच पाती जिसकी वजह से शरीर में सुस्ती और थकान आने लगती है, शरीर में रुखापन आता है और खाना ठीक से पच नहीं पाता चिड़चिड़ापन या भ्रम की स्थिति पैदा होना चक्कर आना या आंखों के सामने अंधेरा छाना धड़कन और सांस का तेज होना आंखों के नीचे गड्ढे नजर आना बेहोश हो जाना

प्यास लगने की समस्या के उपचार 

 

योग संख्या 1 :- अत्यधिक प्यास लगने की परेशानी में 2-4 ग्राम खस की जड़ को मुनक्का के साथ पीसकर पिलाएं। इससे अधिक प्यास लगने की परेशानी खत्म होती है।
योग संख्या 2 :- नींबू पानी में विटामिन-सी होता है। जो हमारी प्रतिरोधक क्षमता को ठीक रख कर, हमें सेहतमंद और तंदुरुस्त बनाए रखता है। डिहाइड्रेशन के कारण शरीर में हुई पानी की कमी को पूरा करने में नींबू पानी बहुत सहायक होता है।
योग संख्या 3 :- जायफल का एक टुकड़ा मुंह में रखकर चूसते रहें। आपको प्यास नहीं लगेगी।
योग संख्या 4 :- कच्चे आमों और चीनी से बनाया हुआ पेय इसमें स्वाद के अनुसार चीनी, काला-नमक और हल्का जीरा मिलाया जाता है। यह हृदय रोगी, टीबी, एनीमिया, हैजा जैसी बीमारियों में भी बहुत लाभदायक होता है। इसमें सोडियम, जिंक और विटामिन C होता है, जो पानी की कमी को पूरा करता है और नई रक्त कोशिकाओं को बनाने में भी मदद करता है और ये खास कर डिहाइड्रेशन में बहुत लाभदायक साबित होता है।
योग संख्या 5 :- पीपल की छाल को जलाकर पानी में डाल दें और जब यह राख नीचे बैठ जाए, तो उस पानी को छानकर पिएं। ऐसा करने से प्यास शांत होगी। इसके अलावा पीपल का चूर्ण बनाकर फक्की लगाकर पानी पीने से भी प्यास लगना बंद होगी।
योग संख्या 6 :- पान खाना भी प्यास से मुक्ति पाने का बेहद आसान और कारगर उपाय है। पान खाने से प्यास कम लगती है और मुंह और गला भी नहीं सूखता।
योग संख्या 7 :- दही में गुड़ मिलाकर खाना भी प्यास बुझाने का एक कारगर घरेलु उपाय है। इससे खाना खाने के बाद लगने वाली तेज प्यास को कम किया जा सकता है।
तरबूज तो है ही एक बेहतरीन और स्वादिष्ट विकल्प, जिससे प्यास तो बुझती ही है भूख भी मिट जाती है और पेट देर तक भरा-भरा रहेगा।

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