आँख की फुंसी गुहेरी की समस्या कारण, लक्षण और उपचार

आँख की फुंसी गुहेरी की समस्या कारण, लक्षण और उपचार

आँख की फुंसी आँख की पलकों पर बाहर की तरफ या अंदर की तरफ हो जाती है । ज्यादातर यह फुंसी बाहर की तरफ होती है। आम बोलचाल में इसे गुहेरी Guheri कहते है। इसे आँख में बिलनी aankh me Bilni के नाम से भी जाना जाता है।

आँख की फुंसी गुहेरी की समस्या कारण।  

 हार्मोन के बदलाव , तनाव और साफ सफाई का ध्यान नहीं रखने के कारण भी आँख में फुंसी हो सकती है। एक बार में एक या एक से अधिक फुंसी भी ही सकती है आँख की पलक में छोटी छोटी तेल ग्रंथियां होती है। यह ग्रंथियां डेड स्किन , धूल मिट्टी , या काजल आदि के कारण बंद हो जाती है। इसके कारण वहाँ बेक्टिरिया पैदा हो जाते है। इस वजह से सूजन होने लगती है। यह एक फुंसी का रूप ले लेती है। यही आंख की गुहेरी होती है। साधारणतया सात आठ दिनों में ये ठीक हो जाती है। ये बढ़े नहीं इसका ध्यान रखना चाहिए।

लक्षण :-

इस फुंसी में दर्द होता है , सूजन होती है। पलक झपकाना मुश्किल हो जाता है। कई बार इससे आँख में खुजली या जलन भी होती है। तेज रोशनी से दिक्कत होने लगती है। फुंसी के बीच पीले रंग में पस भी नजर आ सकता है। फुंसी से कुछ पानी भी निकल सकता है।

रोकथाम :- 

आँख की फुंसी को मसलना नहीं चाहिये। फुंसी को फोड़ने या पस निकालने की कोशिश भी नहीं करनी चाहिये। मसलने या फोड़ने से इन्फेक्शन होकर समस्या बढ़ सकती है। आँख में फुंसी होने पर कांटेक्ट लेंस नहीं पहनने चाहिए। लेंस की बजाय चश्मा काम में लेंना चाहिये । आराम रहेगा। फुंसी को आँख के मेकअप जैसे मस्कारा , आई लाइनर , आई शेडो आदि से छुपाने की कोशिश नही करनी चाहिये । मेकअप के सामान से इन्फेक्शन बढ़ सकता है। पुराना हो चुका आँख के मेकअप का सामान भूल कर भी काम में ना लें। गुप्तांग की सफाई नहीं करने पर भी आँख पर बार बार फुंसी हो जाती है। अतः गुप्तांग को नहाते वक्त अच्छे से धोकर साफ करना चाहिए। लिंग के अगले हिस्से शिश्न मुंड Penis head की स्किन के नीचे की सफाई विशेष कर जरुरी होती है। शिश्न मुंड की सफाई नहीं करने से स्वप्नदोष भी हो सकता है तथा शीघ्रपतन की समस्या भी हो सकती है।

आँख पर फुंसी की समस्या के उपचार

 

योग संख्या 1 :- गर्म पानी में साफ सूती कपड़े को भिगोकर नीचो लें। इससे गुहेरी की सिकाई करें। दिन में तीन चार बार इस प्रकार सिकाई करने से बहुत आराम मिलता है। सुजन और दर्द कम हो जाते है।
योग संख्या 2 :- इमली के बीज को दो दिन तक पानी में भिगोकर छिलका निकाल दें। इस छिलका निकले हुए इमली के बीज की गिरी को चंदन की तरह घिस कर गुहेरी पर लगाएं। इससे आश्चर्य जनक फायदा होता है । इससे आँख की फुंसी ठीक हो जाती है।
योग संख्या 3 :- सीधे हाथ की तर्जनी अंगुली बाईं हथेली पर तेजी से घिसें । गर्म होने पर अंगुली फुंसी पर रखें। यह क्रिया बार बार ( 15 -20 बार ) करने से आँख में फुंसी ठीक हो जाती है। दिन में चार पांच बार इसे करें।
योग संख्या 4 :- गर्म पानी में थोड़ी हल्दी मिलाकर इस पानी से कपड़े की मदद से सिकाई करने से आँख फुंसी ठीक होती है।
योग संख्या 5 :- ग्वारपाठे Aloe Vera का गूदा फुंसी पर दिन में तीन चार बार लगाने से गुहेरी का दर्द व सूजन मिटकर गुहेरी ठीक हो जाती है।
योग संख्या 6 :- एक कप पानी में अमरुद के चार पाँच पत्ते डालकर उबाल लें। गुनगुना रहने पर इस पानी में साफ कपड़ा भिगोकर इससे सिकाई करें।
योग संख्या 7 :-दिन में दो तीन बार इस प्रकार सिकाई करने से आँख की फुंसी ठीक होती है।
योग संख्या 8 :– बार बार आँख पर फुंसी हो जाती हो तो त्रिफला चूर्ण आधा चम्मच सुबह शाम एक सप्ताह तक दूध के साथ लें। आँख पर फुंसी होना बंद हो जायेगी ।

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